जेल की सलाखों के बीच गूंजी हनुमंत कथा... फिर बदला माहौल
दो दिन पहले तक जहां सन्नाटा और बंदिशें थीं, वहीं रविवार को शाजापुर जिला जेल में भक्ति की गूंज सुनाई दी। परम पूज्य गुरुदेव श्री धर बैरागी जी की हनुमंत कथा ने बंदियों को आत्मचिंतन, संयम और सकारात्मक जीवन का संदेश दिया। भजनों पर बंदी भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा जेल परिसर आध्यात्मिक माहौल में रंग गया।
खबरीराम 24 डॉट कॉम @ शाजापुर
सलाखों के पीछे बंद जिंदगी में जब भक्ति का प्रकाश पहुंचा तो माहौल ही बदल गया। शाजापुर जिला जेल में आयोजित दो दिवसीय हनुमंत कथा का रविवार को भावपूर्ण समापन हुआ। गड़ावदिया के परम पूज्य गुरुदेव श्री धर बैरागी जी ने कथा के माध्यम से बंदियों को सत्य, संयम और भक्ति का मार्ग अपनाकर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम की शुरुआत में जेल अधीक्षक ने गुरुदेव का पुष्पमालाओं से स्वागत किया, जबकि महिला श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजन-अर्चन किया। कथा के दौरान गुरुदेव ने कहा कि हनुमानजी की शरण और ईश्वर की भक्ति मनुष्य के जीवन को नई दिशा देती है। उनके प्रेरक संदेशों ने बंदियों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।
भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति के बीच कई बंदी भावविभोर होकर झूम उठे। दो दिनों तक जेल परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति के वातावरण से सराबोर रहा। कथा में जेल स्टाफ, बंदियों और नगर के गणमान्य नागरिकों ने कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
